’’मैं हूं मोदी का परिवार’’-भाजपा का भावनात्मक ’’चौका’’/////रक्षा-उत्पादन क्षेत्र को बना रहे हैं आत्मनिर्भर-राजनाथ सिंह //// मोदी ने तेलंगाना में 56 हजार करोड़ रुपये की विकास-परियोजनाओं का शुभारंभ किया/////मेडिकल छात्रों और मेडिकल/गैर मेडिकल सलाहकारों के एक समूह ने राष्ट्रपति सेमुलाकातकी///////विवेक भारद्वाज ने रांची, झारखंड में दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया//////भाजपा की दूसरी लिस्ट कल आ सकती है//////-संपादकीय--’’कानून’ शब्द पर विधायिका व न्यायपालिका से उम्मीदें हैं/////

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Detailed Discussion Forum
उम्मीदवार-शिवपाल सिंह राजपूत (निर्दलीय)
विधानसभा-बैतूल


यह विधानसभा क्षेत्र शुरू से ही वंशवाद, पूंजीवाद और परिवारवाद का गढ़ रहा है। धनबल, बाहुवल और प्रलोभन के सहारे यहां पर उम्मीदवार चुनाव जीतते रहे हैं। चाहे यहां के सांसद हों या विधायक। इन लोगों ने इस क्षेत्र के मतदाताओं को गुलाम बनाकर रख दिया है। हाल के चुनाव में मतदाताओं को मिठाई के डिब्बांे में शराब की बोतलें सप्लाई की गईं। यहां पर विकास के नाम पर शून्यता है। सड़क मार्ग पूरी तरह से चरमराया हुआ है। यहां पर आदिवासी समुदाय सबसे अधिक है लेकिन उसके स्वाभिमान को ’धन और दारू’ से प्रभावित किया गया है। यहां पर तो वर्षों से सांसद और विधायकी स्तर पर ’धन और प्रलोभन’ ही हावी किया जाता रहा है। मैं नेहरू युवा केंद्र से रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर रहा हॅू। पूरे क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मैंने अपने समय में कई प्रयास किए। हालात सुधरे भी लेकिन सुधरे हालात को आगे बढ़ाने वाला कोई जनप्रतिनिधि यहां पर नहीं है। वर्तमान विधायक डागा के यहां तो छापा भी पड़ चुका है। उनकी फैक्ट्री और शिक्षा संस्थान में कर्मियों और शिक्षकों का वेतनमान कितना है इसे देखने वाला कोई नहीं है। यहां के जनप्रतिनिधियों ने बेरोजगारी बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाई है। यहां पर 10 साल तक सेंट्रल स्कूल नहीं खोलने के प्रयास किए गए। मैं इन्हीं सारे मुद्दों पर चुनाव लड़ा हॅू। परिणाम चाहे जो हो,मैं जनता की आवाज उठाता रहूंगा।