PM performs puja at Kedarnath//PM performs puja at Kedarnath//Voting for 17th Lok Sabha elections concludes//Vice President calls for improving pulses productivity;//केंद्रीय मंत्री हरसिमरत की बेटी ने पहली बार डाला वोट, फैमिली के संग क्लिक कराया फोटो////Exit polls predict BJP-Sena to dominate in Maharashtra//Lok Sabha Election 2019: Exit poll predicts massive win for BJP in Madhya Pradesh, Chhattisgarh and Rajasthan//Zee News Maha Exit poll 2019: BJP set to sweep Delhi with all 7 seats//Don't trust exit poll gossip: Mamata reaches out to Opposition///Chandrababu Naidu meets Sonia Gandhi, Rahul, discusses post-poll scenario////
Home | Latest Articles | Latest Interviews |  Past Days News  | About Us | Our Group | Contact Us
BJP न कभी अटल-आडवाणी की
BJP न कभी अटल-आडवाणी की बनी, न कभी मोदी-शाह की बन सकती है


नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के व्यक्ति- केन्द्रित पार्टी बन जाने की धारणा को खारिज करते हुए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि बीजेपी विचारधारा पर आधारित पार्टी है. उन्होंने कहा, ‘यह पार्टी न कभी केवल अटल जी की बनी, न कभी आडवाणी जी की और न ही यह कभी केवल अमित शाह या नरेंद्र मोदी की पार्टी बन सकती है.’ उन्होंने कहा, ‘बीजेपी विचारधारा पर आधारित पार्टी है और यह कहना गलत है कि बीजेपी मोदी-केन्द्रित हो गई है.’

बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अध्यक्ष ने लोकसभा चुनावों में खंडित जनादेश की आशंकाओं को भी खारिज किया और दावा किया कि बीजेपी को पिछली बार से भी अधिक सीटें मिलेंगी. गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बीजेपी दोनों एक दूसरे के पूरक हैं.

इस सवाल के जवाब में कि क्या बीजेपी में 'इंदिरा इज इंडिया एन्ड इंडिया इज इंदिरा' की तर्ज पर 'मोदी ही बीजेपी और बीजेपी ही मोदी' वाली स्थिति हो गई है, गडकरी ने कहा, ‘बीजेपी जैसी पार्टी व्यक्ति-केन्द्रित कभी नहीं हो सकती है. यह विचारधारा पर आधारित पार्टी है. हमारी पार्टी में परिवार राज नहीं हो सकता. यह धारणा गलत है कि बीजेपी मोदी केन्द्रित हो गयी है. पार्टी का संसदीय दल है जो सभी अहम फैसले करता है.’

उन्होंने तर्क दिया कि पार्टी और उसका नेता एक दूसरे के पूरक हैं. उन्होंने कहा, 'पार्टी बहुत मजबूत हो, लेकिन नेता मजबूत नहीं है तो चुनाव नहीं जीता जा सकता है. इसी तरह नेता कितना भी मजबूत हो लेकिन पार्टी मजबूत नहीं होने पर भी काम नहीं चलेगा... हां, यह सही है जो सबसे लोकप्रिय जननेता होता है वह स्वाभाविक रूप से सामने आता ही है.’
(UPDATED OON MAY 10TH, 2019)