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EVM मशीन को गड़बड़ बताने वालों को चुनाव आयोग ने
EVM मशीन को गड़बड़ बताने वालों को चुनाव आयोग ने दिया जवाब, कहा- हम बैलेट पेपर नहीं लाएंगे


कोलकाता: मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को बैलेट पेपेर से चुनाव कराने की मांग से इंकार कर दिया. कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर की तरफ लौटने की मांग की है. अरोड़ा ने कहा, ‘‘हम बैलेट पेपर के युग में वापस नहीं जा रहे हैं. दो दशक से भी अधिक समय से हमारे देश में इवीएम मशीन का इस्तेमाल हो रहा है. और यह काफी समय से ईसीआई (भारत निर्वाचन आयोग) की एक सुसंगत नीति रही है और मुझे लगता है कि यह नीति जारी रहेगी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक दलों को अपनी प्रतिक्रिया देने और आशंका जाहिर करने का अधिकार है क्योंकि वह मतदाताओं के बाद सबसे बड़े हितधारक हैं. लेकिन, हम बैलेट-पेपर के दिनों में वापस नहीं जा रहे हैं. हम मतपत्र छीनने के दिनों में नहीं जा रहे हैं.’’ आसन्न आम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और अधिकारियों के साथ दो दिनों के विचार-विमर्श के बाद अरोड़ा मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे.

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के साथ-साथ उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा, संदीप सक्सेना, सुदीप जैन और चंद्रभूषण कुमार भी उपस्थित थे. पिछले महीने यहां विपक्षी दलों की ब्रिगेड रैली में, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने ईवीएम को "चोर मशीन" कहा था. अरोड़ा ने बताया, ‘‘छेड़छाड़ और खराबी के बीच अंतर है.

उन्होंने कहा "हम बहुत ही हल्के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं जैसे कि वे समानार्थी हों. छेड़छाड़ और खराबी दो अलग-अलग चीजें हैं. आयोग खराबी को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता है. हम लगातार ईवीएम को अद्यतन करने और उन्हें पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहे हैं."

अमेरिका स्थित एक स्वयंभू हैकर के हाल के दावे के बारे में पूछे जाने पर कि 2014 के चुनाव में ईवीएम में छेड़छाड़ कर धांधली की गयी थी, अरोड़ा ने कहा कि ये दावे ‘‘झूठे’’ और ‘‘आपराधिक मंशा’’ से किये गए हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि ईवीएम का निर्माण ‘‘बेहद सुरक्षित’’ कंपनियां करती हैं. ये कंपनियां रक्षा उपकरण भी बनाती हैं और तकनीकी विशेषज्ञों का पैनल इनकी देखरेख करता है.’’

अरोड़ा ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में वीवीपैट का इस्तेमाल सफल रहा है और आगामी लोकसभा चुनावों में इसका इस्तेमाल पूरे देश में किया जाएगा. उन्होंने बताया कि वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में तीन उपचुनावों में किया गया और कहीं से भी दोबारा मतगणना के लिए आग्रह नहीं किया गया.(UPDATED ON 1ST FEBRUARY 2019)


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