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पटना--नए शराब कानून की धारा 76(2) असंवैधानिक घोषित
पटना: बिहार की नीतीश सरकार के पूर्ण शराबबंदी को पटना हाईकोर्ट ने फिर एक बार फिर झटका देते हुए शराब अधिनियम के तहत अभियुक्त बनाए गए लोगों को अग्रिम जमानत देने का निर्देश दिया है. अदालत ने नई शराब अधिनियम की धारा 76(2) को असंवैधानिक करार दिया. सोमवार को अदालत ने यह स्पष्ट किया कि शराब अधिनियम के तहत बनाए गए अभियुक्तों को हाईकोर्ट के अलावा निचली अदालतों से भी अग्रिम जमानत दी जाएगी. बिहार की नए शराब कानून 2016 की धारा 76(2) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत प्रदान नहीं की जाएगी.
इस मामले में पटना हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भी नई शराब नीति कानून की धारा 76(2) को स्पष्ट करते हुए कहा था कि इसके तहत किसी भी अभियुक्त को शराब के मामले में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है, जब तक कि न्यायालय द्वारा उक्त धारा को गैर संवैधानिक नहीं घोषित कर दिया जाता है. साथ ही साथ अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि निचली अदालत शराब मामले में पकड़ाये या आत्मसमर्पण किये अभियुक्तों की जमानत नामंजूर करती है तो उसे अपने आदेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि किन कारणों से उसने जमानत नामंजूर की है.(Updated on November 6th, 2017)