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भाजपा को थामने उतरीं प्रियंका गांधी

भाजपा को थामने उतरीं प्रियंका गांधी


गांधीनगर -प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव के अनुरूप लोकसभा चुनाव की राजनीतिक बहस को मुद्दों से भटकाने के भाजपा के सियासी एजेंडे को थामने के लिए मैदान में उतरने का खुला संदेश दे दिया है।

सक्रिय राजनीति में आने के बाद गुजरात में अपने पहले संबोधन के जरिये ही प्रियंका ने साफ कर दिया है कि चुनावी बहस को राष्ट्रवाद के रंग में रंगने की भाजपा की रणनीति को कांग्रेस देशभक्ति की अपनी परिभाषा से थामने की कोशिश करेगी। 'जागरूकता' और 'सही निर्णय' यानि 'सही वोट' को ही जनता की सबसे बड़ी देशभक्ति बता प्रियंका ने बेलाग इसकी परिभाषा भी स्पष्ट कर दी।
गुजरात के गांधीनगर में प्रियंका का पहला संबोधन संक्षिप्त जरूर रहा मगर उनकी सरल, सुलभ और सारगर्भित संवाद शैली ने जनता के साथ सीधे जुड़ने की प्रभावी क्षमता का संकेत तो दे ही दिया। प्रियंका का यह अंदाज निसंदेह कांग्रेसियों के लिए चुनावी बुखार की गरमी में बड़ी राहत की उम्मीद बनेगा। इसकी वजह भी वाजिब है क्योंकि लंबे अर्से बाद कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा वक्ता मिला है जो जनता से सीधे संवाद का तार जोड़ने में सक्षम नजर आ रहा है। खासकर राजनीति के इस दौर में जब पीएम नरेंद्र मोदी की ताकतवर संवाद क्षमता कांग्रेस ही नहीं पूरे विपक्ष की सबसे बड़ी चुनौतियों में एक है।
प्रियंका ने यह संदेश भी देने का प्रयास किया कि उनकी संवाद शैली में विरोधी पर प्रहार तो होगा मगर कटुता से परहेज करेंगी। जनता से जागरूकता और अपने वोट को सबसे बड़ा हथियार बनाने की बात कहते हुए प्रियंका की गई टिप्पणी इसी ओर इशारा करती है। इसकी व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा ये दोनों ऐसे हथियार हैं जिसे किसी को चोट, दुख या नुकसान नहीं पहुंचता मगर जनता को सबसे मजबूत बनता है। हर साल दो करोड नौकरियां देने, हर व्यक्ति के खाते में कालेधन के 15 लाख रूपये से लेकर महिला सुरक्षा जैसे पूरे नहीं हुए वादे की बात उठा पीएम का नाम लिये बिना ही प्रियंका लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाती नजर आयीं कि उनका निशाना कहां है।(UPDATED ON MARCH 12TH, 2019)