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Detailed Discussion Forum
गणतंत्र दिवस को मनाते वक्त मैं एक ’’जोक’’ से सभी को परिचित कराना चाहता हॅू। विषय था-कुछ लोगों से सवाल किया गया कि ’’हम गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं’’। कुछ ने जबाव दिया कि यह दिन छुट्टी का है। कुछ ने जबाव दिया कि इस दिन हम घूमने जाते हैं’’।

उपरोक्त ’’जोक’’ का उदाहरण देने के साथ मैं बताना चाहता हॅू कि यह सोच हमें अपने मस्तिष्क से निकालनी होगी। हमें गणतंत्र के महत्व को समझना होगा और समझना चाहिए। आज देश के संविधान को 61 साल हो गए हैं लेकिन हम अपने गणतंत्र की मूल भावना को ही नहीं समझ पाए हैं। यह दुःखद है। इसी का परिणाम है कि हमारे देश और हमारे समाज में अपराध, अशांति और अनाचार हो रहा है जिसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। गरीबी का दानव विकराल रूप लेता जा रहा है।

वास्तविकता यह भी है कि हम अपने गणतंत्र के बारे मंे गम्भीर नहीं हैं। जिस दिन हम गम्भीर हो जाएंगे उसी दिन हम देश को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर लगा देंगे। ध्यान रहे देश का विकास इंसान के व्यक्तित्व और कर्म से ही होता है। आईये! हम सब मिलकर अपने गणतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अपना योगदान दें और शपथ लें कि हम अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

JAI HIND!


डा. अरूण गुप्ता
Past President
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
राजनगर, दिल्ली एनसीआर गाजियाबाद